एक Motivational Kahani – बाँस का पेड़ और नौजवान लड़का

ये Motivational Kahani उन लोगों के लिए है जो जिंदगी में बार बार महेनत करने के बाद भी अपने काम में सफल नही हो पाते.

Motivational Kahani

एक नौजवान खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए नए शहर में आया. वह पढ़ा लिखा तो था लेकिन किसी खास विषय पर उसकी पकड़ नहीं थी.

इस वजह से वह अलग अलग वस्तुओं का व्यापार करता था.

उसने पहले किराने की दुकान खोली और अनाज तथा खाने पीने की अन्य वस्तुओं का व्यापार करने लगा.

जब उस व्यापार में घाटा आने लगा तो उसने व्यापार बदल लिया और कपड़े बेचना शुरू कर दिया.

जब कपड़े के व्यापार में घाटा पड़ने लगा तो जूते-चप्पल की दुकान खोली.

इस तरह करते करते इस नौजवान ने अलग अलग कई व्यापार में हाथ आजमाया था.

लेकिन किसी भी एक व्यापार में वो सफल नहीं हो पाया.

बार-बार ऐसी नाकामी की वजह से वह हिम्मत हार चुका था.

और इसी व्यापार की समस्याओं से त्रासित होकर एक दिन वह घर से निकल कर शहर से दूर एक जंगल में चला गया.

जंगल में दो-तीन दिन तक भूखे प्यासे रहने के बाद उसने खाने पीने के लिए इधर-उधर चक्कर लगाना शुरू किया.

उसने देखा कि जंगल के एक सिरे पर कुछ खेत खलियान है. जहां कुछ लोग अपने अपने खेतों में काम करते नजर आ रहे थे.

ये देखकर उस नौजवान ने मन ही मन सोचा कि अब व्यापार सारी झंझट को छोड़कर किसान बन जाऊं और खाने योग्य अनाज और फल सब्जी की खेती करके जीवन व्यतीत करूँ.

फिर मुझे अपना धंधा बदलने की भी नौबत नही आएगी.

Motivational Kahani

लेकिन अब समस्या यह थी कि उस नौजवान के पास ना ही खुद का कोई खेत था और ना ही खुद की कोई जमीन.

ऐसे में वर्तमान स्थिति में तो उसके लिए किसी किसान के खेत में मजदूर के तौर पर ही काम करना संभव था.

इससे कम से कम उसके खाने-पीने की समस्या हल हो सकती थी.

नौजवान दौड़ा दौड़ा खेत में किसान के पास गया और उसे कहा..

– मुझे आप अपने खेत में खेती करने के लिए बतौर मजदूर काम पर रख लीजिए. और इसके बदले में मुझे खाना पानी दे दीजिएगा.

किसान एक बुजुर्ग और अनुभवी व्यक्ति था. उसने नौजवान को जवाब देने से पहले उससे पूछा ..

– तुम इतने तंदुरुस्त और नौजवान हो तो मजदूर की तरह क्यों काम करना चाहते हो ? हालांकि तुम अन्य कई रास्तों से भी पैसे कमा कर अपना जीवन निर्वाह कर सकते हो.

किसान के कहने पर नौजवान ने उसे अपनी पूरी कहानी सुनाई. कि वह अलग-अलग कई तरह के व्यापार कर चुका है.

लेकिन किसी भी व्यापार में उसे सफलता नहीं मिल पा रही थी. तथा इसी वजह से निराश होकर वह घर छोड़कर इस जंगल में आया था.

अनुभवी किसान की समझ भरी बात ..

किसान ने अपने तजुर्बे का निचोड़ बताकर नौजवान को समझाया और कहा ..

– अगर तुम खेत में बतौर मजदूर काम करना चाहते हो तो मैं तुम्हें काम पर रख लूंगा. लेकिन इससे पहले मैं तुम्हे आज से 5 साल पहले की एक घटना बताना चाहता हूं.

इतना कहकर किसान ने अपनी बात शुरू की ..

– मेरे कई खेत है इनमें से एक खेत यह भी है जिस पर इस वक्त हम दोनों खड़े हैं.

आज से 5 साल पहले मैंने इस खेत के आधे हिस्से में घास और बाँस दोनों के बीज बोए थे.

कुछ दिनों बाद घास के बीज से छोटे-छोटे कुँपल उगने शुरू हो गए.

लगभग एक साल के अंदर घास बिल्कुल उग गई और खेत का वह हिस्सा जहाँ बीज बोए गए थे बिल्कुल हरा भरा लगने लगा था.

लेकिन दूसरी तरफ बाँस के बीज में कोई तरह की हलचल नहीं थी.

हांलाकि घास और बाँस के बीज एक ही समय में बोए गए थे.

दूसरे साल भी ऐसा ही हुआ यानी कि घास अधिक हरी भरी हो गई यहां तक कि इसकी वजह से मेरे खेत की शोभा बढ़ने लगी.

वहीं बाँस के बीज का कोई विकास नहीं हुआ था.

ऐसे होते होते 5 साल बीत गए.

इन 5 सालों में घास का पूर्ण विकास हो चुका था. और खेत हरियाली में बदल चुका था.

वहीं दूसरी ओर बाँस के बीज में किसी प्रकार का विकास नहीं दिख रहा था.

आखिरकार …

आखिरकार 5 साल के लंबे इंतजार के बाद बाँस के बीज से छोटी कुँपले फूटनी शुरू हुई.

फिर बस 6 महीने हुए की बाँस का पेड़ 100 फीट तक ऊंचा हो गया.

इससे यह बात स्पष्ट हुई कि कुदरत के नियमों के आधीन रहकर बाँस का बीज 5 सालों तक जमीन में गड़ा रहा.

और इस दौरान उसने अपनी जड़ें इतनी मजबूत बढ़ाई की वो 100 फीट ऊंचे बाँस के पेड़ को संभाल सके.

मेरे कहने का असल मकसद यह है कि,

जैसे बाँस का बीज ने 5 साल तक अपने अंदर की शक्ति को संजो कर रखा और अपनी जगह पर डटा रहा.

फिर परिणाम स्वरूप 5 साल के बाद वह अब 100 फीट ऊंचा पेड़ बन गया है.

वैसे तुम्हें भी चाहिए कि अपने विचारों और पैसे कमाने की लालच को सीमित रख कर किसी एक ही व्यापार में अपना मन लगाना चाहिए. जिससे तुम्हें सफलता मिलने की संभावना अपने आप बढ़ जाएगी.

नौजवान बड़े ध्यान और शांति से किसान की सारी बातें सुन रहा था. और अब उसकी बातें नौजवान को समझ में भी आ गई थी.

नौजवान ने किसान को शुक्रिया कहा. और घर की तरफ लौट दिया.

क्योंकि किसान की बातों ने उसे फिर से आशावादी बनने में मदद की थी.


सीख / Motivation of Kahani

1). इस कहानी से हमें पहली सीख ये मिलती है कि हमें किसी भी व्यापार या क्षेत्र में सफल होने के लिए किसी एक विषय वस्तु से जुड़े रहना और डटे रहना चाहिए.

2). सफलता घंटों में या दिनों में नहीं मिलती लेकिन सफलता के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है.

इस कहानी में किसान द्वारा दिए गए उदाहरण से हमें ये भी सीखना चाहिए.

3). जो लोग व्यापार में बार-बार असफल होते हैं उन्हें यह बात जान लेनी चाहिए कि किसी भी क्षेत्र के व्यापार को सफल बनाने के लिए उन्हें कम से कम 1000 दिनों तक उस व्यापार में बने रहना जरूरी है.

ये व्यापार के नियमों में से एक अहम नियम है.

इस Motivational Kahani के मुख्य मुद्दे इस प्रकार थे..

  1. नौजवान व्यक्ति
  2. व्यापार का विचार
  3. बार बार व्यापार बदलना
  4. असफल होना
  5. निराश होकर जंगल में प्रयाण
  6. किसान से मुलाकात
  7. खेत मजदूर बनने की इच्छा
  8. किसान द्वारा सही मार्गदर्शन मिलना
  9. वापस घर लौटने को हिंमत मिलना

हमें उम्म्मीद है की आपको Motivational Kahani पसंद आई होगी.

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